Thursday, November 20, 2008

पल से

उसने दो घड़ी की थी बातें
मुझ को लगा मैंने तमाम उम्र की थी बातें

Wednesday, November 19, 2008

नैसर्गिक भावः

जिस तरह धरती का वजूद है उसके होने में
और आसमान वजूद है उसके न होने में
शायद उसी तरह मेरे प्यार का वजूद है उसके होने में
और तुम्हारे इकरार का वजूद है उसके न होने में