समय की दिवार पे चढ़ के थोडा झांके
वो देखो दानी guitar बजा रहा है
वो देखो सुहास गाना गा रहा है
वो देखो समीर कितना शांत खड़ा है !
वो देखो खंडेलवाल bike पे सैनी की परछाई बिठा के लाया है
वो देखो टूटू पान अकेले खा रहा है
मत डरो ये तो बस बंग पलट के देख रहा है
वो समय भी गुजर गया और ये घड़ियाँ भी बीत गयीं
जो ठहरा है वो हम हैं और हमारा प्यार है
जरा ऊपर देखे वो आसमान में रवि है
नहीं हमारा Ravi Jain है
God Bless All of You My Dear
Saturday, December 3, 2011
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